तू सिर्फ मुस्कुराया कर...

तू सिर्फ मुस्कुराया कर।
देखेंगे कई सारे लोग,
तुझे गिरी हुई नजरोसे।
तू ज्यादा दिल पे लिया मत कर,
तू बस मुस्कुराया कर।

निकला हो किसी मजबूरी में घर से बाहर,
टोकेंगे तुझे इसी बात पर,
बूरा न मानना मेरे दोस्त तब,
तू बस मुस्कुराया कर।

भगवान ना करे ऐसा हो कभी, 
लेकिन हो गया उनको भी अगर कोरोना,
समझेंगे शायद तेरी मजबूरी और मजबूती तभी,
और शायद... वे भी सिख लेंगे तुम्हारी तरह मुस्कुराना!

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